(N/A) $i$. एल्कीन का ओजोनोलिसिस: एल्कीन का ओजोनोलिसिस और उसके बाद जिंक डस्ट और पानी के साथ अभिक्रिया करने पर एल्कीन के प्रतिस्थापन पैटर्न के आधार पर एल्डिहाइड,कीटोन या दोनों का मिश्रण प्राप्त होता है।
$1$. एथीन से मेथेनल का निर्माण:
$CH_2=CH_2 + O_3$ $\rightarrow \text{एथिलीन ओजोनाइड}$ $\xrightarrow{Zn, H_2O} 2HCHO + ZnO$
$2$. प्रोपीन से एथेनल और मेथेनल का निर्माण:
$CH_3-CH=CH_2 + O_3$ $\rightarrow \text{प्रोपीन ओजोनाइड}$ $\xrightarrow{Zn, H_2O} CH_3CHO + HCHO + ZnO$
$3$. $2$-मिथाइलप्रोपीन से प्रोपेनोन और मेथेनल का निर्माण:
$(CH_3)_2C=CH_2 + O_3$ $\rightarrow \text{ओजोनाइड}$ $\xrightarrow{Zn, H_2O} CH_3COCH_3 + HCHO + ZnO$
$ii$. एल्काइन का जलयोजन: एल्काइन $H_2SO_4$ और $HgSO_4$ की उपस्थिति में पानी के साथ अभिक्रिया करके कार्बोनिल यौगिक बनाते हैं।
उदाहरण के लिए,एथाइन का जलयोजन एथेनल देता है:
$HC \equiv CH + H_2O$ $\xrightarrow{H_2SO_4, HgSO_4} [CH_2=CHOH]$ $\rightarrow CH_3CHO$